लड़का : रो क्यों रही हो..??

लड़की : मेरे मार्क्स बहुत कम आये है…

लड़का : बता कितने आये है..??

लड़की : सिर्फ 88% ..

लड़का :
“खुदा का खौफ कर ..
इतने में तो 2 लड़के पास हो जाते है…!!”

 

मुझे भी आज हिंदी बोलने का शौक हुआ,

घर से निकला और एक ऑटो वाले से पूछा,

“त्री चक्रीय चालक पूरे सुभाष नगर के परिभ्रमण में
कितनी मुद्रायें व्यय होंगी ?”

ऑटो वाले ने कहा, “अबे हिंदी में बोल रे..”

मैंने कहा,
“श्रीमान मै हिंदी में ही वार्तालाप कर रहा हूँ।”

ऑटो वाले ने कहा,
“मोदी जी पागल करके ही मानेंगे ।
चलो बैठो कहाँ चलोगे ?”

मैंने कहा, “परिसदन चलो”

ऑटो वाला फिर चकराया !
“अब ये परिसदन क्या है ?

बगल वाले श्रीमान ने कहा,
“अरे सर्किट हाउस जाएगा”

ऑटो वाले ने सर खुजाया बोला,
“बैठिये प्रभु”

रास्ते में मैंने पूछा,
“इस नगर में कितने छवि गृह हैं ??”

ऑटो वाले ने कहा, “छवि गृह मतलब ??”

मैंने कहा, “चलचित्र मंदिर”

उसने कहा, “यहाँ बहुत मंदिर हैं …
राम मंदिर,
हनुमान मंदिर,
जगन्नाथ मंदिर,
शिव मंदिर”

मैंने कहा,
“भाई में तो चलचित्र मंदिर की
बात कर रहा हूँ जिसमें नायक तथा नायिका प्रेमालाप करते हैं …”

ऑटो वाला फिर चकराया,

“ये चलचित्र मंदिर क्या होता है ??”

यही सोचते सोचते उसने सामने वाली गाडी में टक्कर मार दी

ऑटो का अगला चक्का
टेढ़ा हो गया और हवा निकल गई।

मैंने कहा,
“त्री चक्रीय चालक तुम्हारा अग्र चक्र तो वक्र हो गया …”

ऑटो वाले ने मुझे घूर कर देखा
और कहा, “उतर जल्दी उतर !

आगे पंचर की दुकान थी
हम ने दुकान वाले से कहा….

हे त्रिचक्र वाहिनी सुधारक महोदय
कृप्या अपने वायु ठूंसक यंत्र से मेरे त्रिचक्र वाहिनी के द्वितीय चक्र में वायु ठूंस दीजिये धन्यबाद

दूकानदार बोला कमीने सुबह से बोनी नहीं हुई और तू शलोक सुना रहा है।

मजा आये तो हसने मे कंजुसी बिल्कुल मत करना !! 😀

 

ब्बर सिंह का चरित्र चित्रण
1. सादा जीवन, उच्च विचार: उसके जीने का ढंग बड़ा
सरल था. पुराने और मैले
कपड़े, बढ़ी हुई दाढ़ी, महीनों से जंग खाते दां
त और पहाड़ों पर खानाबदोश
जीवन. जैसे मध्यकालीन भारत का फकीर हो. जीवन में अपने लक्ष्य की
ओर इतना
समर्पित कि ऐशो-आराम और विलासि
ता के लिए एक पल की भी फुर्सत नहीं. और
विचारों में उत्कृष्टता के क्या कहने! ‘जो डर गया, सो मर गया’ जैसे
संवादों से उसने जीवन की क्षणभंगुरता पर प्रकाश डाला था.

२. दयालु प्रवृत्ति: ठाकुर ने उसे अपने
हाथों से पकड़ा था. इसलिए उसने
ठाकुर के सिर्फ हाथों को सज़ा दी. अगर वो चाहता तो गर्दन भी
काट सकता था.
पर उसके ममतापूर्ण और करुणामय ह्रदय ने उसे ऐसा करने से रोक दिया.

3. नृत्य-संगीत का शौकीन: ‘महबूबा ओये महबूबा’ गीत के समय उसके कलाकार
ह्रदय का परिचय मिलता है. अन्य डाकुओं की तरह उसका ह्
रदय शुष्क नहीं था.
वह जीवन में नृत्य-संगीत एवंकला
के महत्त्व को समझता था. बसन्ती को
पकड़ने के बाद उसके मन का नृत्
यप्रेमी फिर से जाग उठा था. उसने बसन्ती के
अन्दर छुपी नर्तकी को एक पल में
पहचान लिया था. गौरतलब यह कि कला के
प्रति अपने प्रेम को अभिव्यक्त करने का वह कोई अवसर नहीं छोड़ता था.

4. अनुशासनप्रिय नायक: जब कालिया और उसके दोस्त
अपने प्रोजेक्ट से नाकाम
होकर लौटे तो उसने कतई ढीलाई नहीं बरती. अनुशासन के प्रति अपने
अगाध
समर्पण को दर्शाते हुए उसने उन्हें तुरंत सज़ा दी.

5. हास्य-रस का प्रेमी: उसमें गज़ब का सेन्स
ऑफ ह्यूमर था. कालिया और
उसके दो दोस्तों को मारने से पहले उसने उन तीनों को खूब हंसा
या था. ताकि
वो हंसते-हंसते दुनिया को अलवि
दा कह सकें. वह आधुनिक यु का ‘लाफिंग
बुद्धा’ था.

6. नारी के प्रति सम्मान: बसन्ती जैसी सुन्दर ना
री का अपहरण करने के बाद
उसने उससे एक नृत्य का निवेदन किया. आज-कल का खलनायक होता तो
शायद कुछ और
करता.

7. भिक्षुक जीवन: उसने हिन्दू धर्म और महा
त्मा बुद्ध द्वारा दिखाए गए
भिक्षुक जीवन के रास्ते को अपनाया था. रामपुर और अन्य गाँवों से
उसे जो
भी सूखा-कच्चा अनाज मिलता था, वो उसी से अपनी गुजर-बसर
करता था. सोना,
चांदी, बिरयानी या चिकन मलाई टिक्का की उसने कभी इच्छा ज़ाहिर नहीं की.

8. सामाजिक कार्य: डकैती के पेशे के अलावा
वो छोटे बच्चों को सुलाने का
भी काम करता था. सैकड़ों माताएं उसका नाम ले
ती थीं ताकि बच्चे बिना कलह
किए सो जाएं. सरकार ने उसपर 50,000 रुपयों का इनाम घोषित
कर रखा था. उस
युग में ‘कौन बनेगा करोड़पति’ ना होने के बावजूद लो
गों को रातों-रात अमीर
बनाने का गब्बर का यह सच्चा प्रयास था.

9. महानायकों का निर्माता: अगर गब्बर नहीं होता
तो जय और वीरू जैसे
लुच्चे-लफंगे छोटी-मोटी चोरियां
करते हुए स्वर्ग सिधार जाते. पर यह गब्बर
के व्यक्तित्व का प्रताप था कि उन लफंगों में भी महानायक बनने
की क्षमता
जागी.

ओलंपिक्स मे सभी महिला विजेताओ के कोच पुरुष है ,
और
इससे ये साबित होता है कि,

जो औरते पुरुषो की बातें सुनती और मानती है,
उन्ही औरतो को जीवन में सफलता प्राप्त होती है !
और उनकी कीर्ति पूरे विश्व मे फैलती है ।

 

Today’s Thought…

जब किस्मत ने “उंगली” करना बंद किया तो हम बहुत प्रफुल्लित हुए..

.

हमें क्या पता था कि किस्मत “बांस” लेने गई है.!! 😛

औरतों की सबसे बड़ी समस्या क्या होती है!!

जब बहु बनती है तब सास अच्छी नहीं मिलती

और जब सास बनती है,
तब बहु अच्छी नहीं मिलती !!

 

शादी में डी जे वाला अचानक बेहोश होते होते बचा,
क्योकि…

.

.

एक लडकी ने फरमाइस की..

“भैया कोई पतंजलि का रिमिक्स हो तो बजाइये.
जो कानो के लिये हेल्दी हो.”

 

हमारे एडमिन पेड़ पर उल्टे लटके हुए थे.

मैने पूछा – क्या हो गया एडमिन साहब?

वे बोले – कुछ नहीं, सिर दर्द की गोली खाई है, कहीं पेट में ना चली जाए.!!!

 

कुछ लोगो की उम्र तो ईतनी ज्यादा होती है की

मानो उनकी पत्नी ने करवाचौथ का व्रत नही बल्कि अनशन रखा हो

अब MDH वाले ताऊ को ही देख लो!! 😀

 

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