संता अपने दोस्त बंता के घर डिनर पर आया था, खाना खाकर वह अपने घर जाने लगा तो उसका दोस्त बंता बोला, “आज यही रुक जाओ बाहर बहुत तेज बारिश है।”

संता: ठीक है।

बंता सोने की तैयारी ही कर रहा था कि संता गायब हो गया। लगभग एक घंटे बाद संता वापिस बंता के घर आया।

बंता (हैरानी से): ओये तू कहां चला गया था?

संता: यार वो मैं घर पर जीतो को बताने गया था कि आज बारिश की वजह से मैं तेरे घर ही रहूंगा।

एक दिन संता ने अपनी भाभी को खूब मारा। उसके चिल्लाने की आवाज सुन कर पड़ोसी देखने आ गए और संता से पूछने लगे कि क्या बात हो गयी, इतना क्यों मार रहे हो अपनी भाभी को?

संता(गुस्से में): भाईसाहब ये हमारी पीठ पीछे छुप -छुप के रोज मेरे सभी दोस्तों से बाते करती है।

पडोसी: तुम्हे कैसे पता लगा?

संता: अरे मैं जब भी अपने किसी दोस्त से पूछता हूँ कि वो फ़ोन पर किस बात कर रहे हैं, वो यही कहता है `तुम्हारी भाभी से`।

भारतीय लड़कियां खेलों में अच्छी क्यों नहीं हैं?

क्योंकि, सिर्फ 10% क्रिकेट, हॉकी, टेनिस, बैडमिंटन, शतरंज आदि खेलती हैं बाकि कि 90% तो जानू से खेलने में व्यस्त रहती हैं।

जानू कहाँ हो?

जानू क्या कर रहे हो?

जानू कब आओगे?

जानू आप मुझसे प्यार करते हो न?

जानू किसके साथ हो?

जानू मुझे ये चाहिए।

जानू फिल्म देखने चलें, जानू ये क्या है?

जानू क्या किया दिनभर?

जानू आपने मुझे याद किया न?

जानू कुछ तो बोलो।

जानू मुझे आपकी बहुत याद आ रही है।

जानू ये।

जानू वो।

जानू कुछ नहीं।

“जान ले लो जानू की।”

बंता: प्रीतो और मैं तलाक ले रहे है।

संता हैरान होते हुए, “क्यों क्या हुआ तुम दोनों तो बहुत अच्छे से रहते हो।”

बंता: जब से हम लोगों ने शादी की है तब से प्रीतो मुझे बदलने की कोशिश में लगी हुई है, सबसे पहले उसने मुझे शराब पीने से रोका, फिर सिगरेट फिर इधर-उधर आवारा घूमने से। उसने मुझे सिखाया कि अच्छे कपड़े कैसे पहनते है, उसने मुझे संगीत और कला के प्रति रूचि आदि सब सिखाये और स्टॉक मार्केट में कैसे निवेश करना है ये सब भी उसी ने सिखाया।

संता ने कहा, “क्या तुम बस इसलिए नाराज हो कि उसने तुम्हें बदलने के लिए ये सब किया।”

बंता: अरे मैं नाराज नहीं हूँ, मैं अब काफी सुधर चुका हूँ तो अब वो मुझे अपने लायक नहीं लगती।

एक बार संता और बंता समुद्र किनारे सैर कर रहे होते हैं, कि तभी अचानक बंता के दिमाग में एक सवाल आता है तो वह संता से पूछता है, “यार संता एक बात बता।”

संता: हाँ बोल।

बंता: जब हर आदमी को शादी करने के नुक्सान पता होते हैं, तो फिर भी वो शादी क्यों करता है?

संता: अरे वो इस लिए कि मरने के बाद अगर उसकी आत्मा स्वर्ग जाए तो वो अच्छा महसूस करे और अगर नर्क जाए तो उसे घर जैसा महसूस हो।

संता और बंता एक रोज आलस के मारे एक कमरे में लेटे हुए थे।

बंता: यार जरा बाहर जाकर तो देख, बारिश हो रही है क्या?

संता: हाँ, बारिश हो रही है।

बंता: बिना देखे ही तू कैसे कह सकता है?

संता: अभी-अभी जो बिल्ली अंदर आई थी वो भीगी हुई थी, इसका मतलब बारिश हो रही है।

थोड़ी देर बाद बंता फिर बोला, “जरा बत्ती तो बुझा दे यार, मुझे रौशनी में नींद नहीं आती।”

संता: आंखें बंद कर लो अपने-आप अंधेरा हो जायेगा।

बंता झल्लाकर बोला, “कम से कम दरवाजा तो बंद कर ले।”

संता: अब दो काम मैंने कर दिए, एक-आध काम तू खुद भी कर ले।

बंता ज्योतिषी से, “मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरा बेटा भविष्य में क्या बनेगा?”

ज्योतिषी: आप उसके टेबल पर सिगरेट, बियर, पैसों की एक गड्डी और किताबें रख दो। उनमें जो वो उठाएगा उससे पता चलेगा।

बंता: ठीक है।

अगले दिन जब बंता का बेटा आया तो उसने टेबल पर पड़ा हुआ सामान देखा और पैसों की गड्डी उठा कर जेब मैं रख ली, सिगरेट पी, बियर छुपा ली, ओर क़िताबें हाथ में लेकर घर से चला गया।

बंता ज्योतिषी के पास गया और बताया कि उस नालायक ने तो सब कुछ ले लिया।

ज्योतिषी: अरे, मुबारक हो! आपका बेटा राजनीतिज्ञ (Politician) बनेगा।

एक बार संता शाम को घर आया, टी. वी. चालू किया और सोफे पर बैठते ही जीतो से बोला, “इससे पहले की शुरू हो जाये जल्दी से मेरे लिए चाय लेकर आओ।”

जीतो को कुछ अजीब लगा पर वो चाय बना कर ले आई।

चाय पीते-पीते संता दोबारा जीतो से बोला, “इससे पहले शुरू हो जाये, मेरे लिए कुछ खाने के लिए भी लेकर आओ।”

जीतो को थोड़ा गुस्सा आया पर उसने संता को कुछ खाने के लिए भी दे दिया और वापस अपने काम में लग गयी।

थोड़ी देर बाद संता दोबारा बोला, “इससे पहले की शुरू हो जाये, यह बर्तन उठाओ यहाँ से।”

जीतो का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया और संता पर चिल्लाते हुए बोली, “मैं तुम्हारी कोई नौकरानी नहीं हूँ, जो मुझ पर इस तरह अपना हुकुम चला रहे हो। जब से आओ कुछ न कुछ हुकुम किये जा रहे हो जैसे यहाँ कोई तुम्हारा गुलाम है।”

संता उठा और गहरी सांस लेते हुए बोला, “लो शुरू हो गया।”

संता बार में गया तो बार टेंडर ने उसे पूछा, “क्या लोगे आज?”

संता: बस एक बियर।

बार टेंडर: क्या हुआ? आज तुम कुछ ठीक नहीं लग रहे, इतने उदास क्यों हो?

संता: मेरा मेरी बीवी से झगड़ा हो गया था, उसने मुझे कहा कि वो एक महीने तक मुझसे बात नहीं करेगी।

बार टेंडर: फिर उसमे क्या दिक्कत है?

संता: आज एक महीना पूरा हो गया।

एक दिन संता ने अपनी भाभी को खूब मारा। उसके चिल्लाने की आवाज सुन कर पड़ोसी देखने आ गए और संता से पूछने लगे कि क्या बात हो गयी, इतना क्यों मार रहे हो अपनी भाभी को?

संता(गुस्से में): भाईसाहब ये हमारी पीठ पीछे छुप -छुप के रोज मेरे सभी दोस्तों से बाते करती है।

पडोसी: तुम्हे कैसे पता लगा?

संता: अरे मैं जब भी अपने किसी दोस्त से पूछता हूँ कि वो फ़ोन पर किस बात कर रहे हैं, वो यही कहता है ‘तुम्हारी भाभी से’।

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