रसायन शास्त्र की कक्षा में

टीचर: पानी का फॉर्मूला बताओ

स्टूडेंट: H2O + MgCl2 + CaSO4 + AlCl3 + NaOH + KOH + HNO3 +HCl + CO2 …

टीचर: ये उत्तर गलत है .

स्टूडेंट: मैडम, ये नाले का पानी है।

 

एक बार एक स्कूल मे आग लग गई।
स्कूल की छुट्टी हो गई ।
सब बच्चे स्कूल से घर ख़ुशी ख़ुशी जा रहे थे।..

खुश इसलिए की स्कूल मे आग लग गई।
अब स्कूल में नही आना पड़ेगा।

लेक़िन एक बच्चा बड़ा दुखी होकर स्कूल से जा रहा था।

टीचर ने उसको देखा उसे अपने पास बुलाया और पूछा बेटा सब बच्चे तो इतने ख़ुश हँ ।
लेकिन तुम दुखी क्यों हो?

लड़का बोला आग से स्कूल ही तो जला हँ।
मास्टर तो सारे बच गये।
कल पार्क मे बिठाकर पढ़ाने लगेंगे। 🙁

 

अध्यापक: “भाईचारा” शब्द का प्रयोग करते हुए कोई वाक्य बनाओ।

चिंटू :
मैंने दूध वाले से पूछा,
तुम दूध इतना महंगा क्यों बेचते हो
तो वह बोला भाई चारा महंगा हो गया है।

दे थप्पड़ दे थप्पड़ … 😀 😛

पप्पू का बेटा,
ऐसी तस्वीर बनाता कि लगता मानो
तस्वीर जिन्दा है.!!

मास्टर जी ने,
पप्पू को फोन किया – ..आपका बेटा
बड़ा शैतान है ..!!

आज उसने क्लासरूम की
जमीन पे 1000 रूपये के नोट की हूबहू
फोटो बना दी..उसे उठाने के चक्कर में मेरे
नाख़ून टूट गए..इसे समझाते क्यों नहीं..?

पप्पू – ..मास्टरजी ..मैं खुद ICU से
बोल रहा हूँ..पगले ने कल बिजली के
सॉकेट पे केटरीना बना दी थी..!!

होंठ जल गए करेंट से.!!

 

मोरक्को के छोटे से गावं में एक बच्चा हामिद रहता था…

उसके स्कूल के बच्चे उसको हमेशा “उल्लू”
बोलकर चिढाते थे

और

उसकी टीचर उस की
बेवकूफियों से हमेशा बहुत परेशान रहती थी..

एक दिन उसकी माँ उसका रिजल्ट जानने उसके
स्कूल गयी और टीचर से हामिद के बारे में पूछा..

टीचर ने कहा कि “अपने जीवन के पचीस साल के
कार्यकाल में उसने पहली बार ऐसा बेवकूफ लड़का देखा है,

ये जीवन में कुछ न कर पायेगा”

यह सुनकर हामिद की माँ बहुत आहात हो गयी

और

उसने शर्म के मारे वो गाँव छोड़कर

एक शहर में चली गयी हामिद को लेकर..

बीस साल बाद जब उस टीचर को दिल की बिमारी हुई
तो सबने उसे शहर के एक डॉक्टर का नाम सुझाया

जो ओपन हार्ट सर्जरी करने में माहिर था..

टीचर ने जा कर सर्जरी करवाई और ऑपरेशन कामयाब रहा..

जब वो बेहोशी से वापस आई और आँख खोली
तो

टीचर ने एक सुदर और सुडौल नौजवान डॉक्टर को
अपने बेड के बगल खड़े हो कर मुस्कुराते हुवे देखा..

वो टीचर डॉक्टर को शुक्रिया बोलने ही वाली थी
अचानक उसका चेहरा नीला पड़ गया..

और

जब तक
डॉक्टर कुछ समझें समझें.. वो टीचर मर गयी..

डॉक्टर अचम्भे से देख रहे थे और समझने की
कोशिश कर रहे थे की आखिर हुवा क्या है..

तभी वो पीछे मुड़े और देखा कि हामिद,
जो की उसी अस्पताल में एक सफाई कर्मचारी था,
उसने वेंटीलेटर का प्लग हटा के
अपना वैक्यूम क्लीनर का प्लग लगा दिया था..

अब अगर आप लोग ये सोच रहे थे कि हामिद
डॉक्टर बन गया था..
तो इसका मतलब ये है की आप
हिंदी/तमिल/तेलुगु फ़िल्में बहुत ज्यादा देखते हैं..
या फिर बहुत ज्यादा प्रेरणादायक कहानियां पढ़ते हैं..

हामिद उल्लू था और उल्लू ही रहेगा!!

कल जो मैंने एक बच्चे से पूछा:
पढ़ाई कैसी चल रही है?

उसका जवाब आया
अंकल,

समंदर जितना सिलेबस है;
नदी जितना पढ़ पाते हैं;
बाल्टी जितना याद होता है;
गिलास भर लिख पाते हैं;
चुल्लू भर नंबर आते हैं;
उसी में डूब कर मर जाते हैं।

 

पप्पू की हुई मास्टर से लड़ाई
मास्टर ने की पप्पू की पिटाई

पप्पू का गरम हुआ खून..

गया कब्रिस्तान और मास्टर की,
फोटो टांग के लिख दिया
COMING SOON!!

टीचर: 1 से 10 तक गिनती सुनाओ।

संता: 1, 2, 3, 4, 5, 7, 8, 9, 10..

टीचर: 6 कहां है ?

संता: जी वो तो मर गया।

टीचर: मर गया? कैसे मर गया???

संता: जी मैडम, आज सुबह टीवी पर न्यूज में बता रहे थे कि स्वाईन फ्रलू में 6 की मौत हो गई ! 😀 😛

 

अध्यापक : बच्चों, रामचंद्र ने समुन्द्र पर पुल बनाने का निर्णय लिया ।

पप्पू : सर मैं कुछ कहना चाहता हूँ।

अध्यापक : कहो बेटा ।

पप्पू : रामचन्द्र का पुल बनाने का निर्णय गलत था ।

अध्यापक : वो कैसे ?

पप्पू : सर उनके पास हनुमान थे जो उड़कर लंका जा सकते थे । तो उनको पुल बनाने की कोई जरुरत ही नही थी ।

अध्यापक : हनुमान ही तो उड़ना जानते थे बाकि रीछ और वानर तो नही उड़ते थे ।

पप्पू : सर वो हनुमान की पीठ पर बैठकर जा सकते थे । जब हनुमान पूरा द्रोणागिरी पहाड़ उठाकर ले जा सकते थे, तो वानर सेना को भी तो उठाकर ले जा सकते थे ।

अध्यापक : भगवान की लीला पर सवाल नही उठाया करते नालायक।

पप्पू : वैसे सर एक उपाय और था।

अध्यापक : (गुस्से में) ..क्या ?

पप्पू : सर हनुमान अपने आकार को कितना भी छोटा बड़ा कर सकते थे, जैसे सुरसा के मुँह से निकलने के लिए छोटे हो गए थे और सूर्य को मुँह में देते समय सूर्य से भी बड़े.. तो वो अपने आकार को भी तो समुन्द्र की चौड़ाई से बड़ा कर सकते थे और समुन्द्र के ऊपर लेट जाते । सारे बंदर हनुमान जी की पीठ से गुजरकर लंका पहुँच जाते और रामचंद्र को भी समुन्द्र की अनुनय विनय करने की जरुरत नही पड़ती ।
वैसे सर एक बात और पूछूँ ?

अध्यापक : पूछो ।

पप्पू : सर सुना है । समुन्द्र पर पुल बनाते समय वानरों ने पत्थर पर “राम” नाम लिखा था.. जिससे वो पत्थर पानी पर तैरने लगे थे ।

अध्यापक : हाँ तो ये सही है ।

पप्पू : सर सवाल ये है, बन्दर भालुओं को पढ़ना लिखना किसने सिखाया था ?

अध्यापक : हरामखोर पाखंडी, बंद कर अपनी बकवास और मुर्गा बन जा ।

पप्पू : सर सदियोंसे हम सब मूर्ख बनते आ रहे हैं.. चलो आज मुर्गा बन जाता हूँ..!!

 

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