एक बार संता और बंता, किसी बियर बार में बियर पीने गये। जब वह पीने लगे तो बंता बोला, “लगता है बाहर बारिश हो रही है। तुम ऐसा करो घर जाकर जल्दी से छतरी ले आओ।”

संता गुर्राया: मुझे पता है मेरे जाने पर तुम मेरी सारी बियर पी जाओगे।

बंता ने उसे यकीन दिलाया कि वो उसकी बियर नहीं पियेगा। उसके हिस्से की बियर ज्यों की त्यों रखी रहेगी।

संता यह सुनकर मान गया और छतरी लेने चला गया।

जब रात गहराने लगी पर संता छतरी लेकर नहीं लौटा तो बंता ने सोचा शायद संता घर पर ही रुक गया है और अब नहीं आएगा। यही सोच कर उसने संता का बियर वाला गिलास उठाया ही था कि बार के एक कोने की छोटी सी खिड़की से तेज आवाज आई, “अगर पीओगे तो मैं छतरी लेने नहीं जाऊंगा।”

एक बार एक गाँव में तीर-अंदाज़ी की प्रतियोगिता चल रही रही थी। 3 नकाबपोश आदमी उसमे भाग लेने के लिए आये।

पहले नकाबपोश ने तीर चलाया और तीरा लक्ष्य के ठीक बीचों-बीच जाकर लगा। आदमी ने अपना नक़ाब उतारा और बोला, “मैं रॉबिन हुड हूँ।”

लोगों ने खूब तलिया बजायी और उसका स्वागत किया।

फिर दूसरे नकाबपोश ने तीर चलाया तो तीर लक्ष्य के बीच लगे रॉबिन हुड के तीर को चीरता हुआ चला गया। उसने अपना नक़ाब उतार और बोला, “मैं विलियम टेल हूँ।”

अब तीसरे आदमी ने तीर चलाया तो तीर लक्ष्य से बहुत दूर जाकर गिरा। आदमी ने अपना नक़ाब उतारा तो संता था। सभी लोग उसे घूर-घूर कर देख रहे थे तो संता बोला, “माफ़ करना दोस्तो मैं सीख रहा हूँ।”

एक आदमी ने मोटर साइकिल पर बैठ कर सिनेमा हाल के सामने संता से एक सवाल पूछा।

आदमी: भाईसाहब, मोटर साइकिल का स्टैंड कहाँ है?

संता: भाईसाब, पहले आप अपना नाम बताइये?

आदमी: रमेश।

संता: आपके माता-पिता क्या करते हैं?

आदमी: क्यों? भाई साहब मैं लेट हो जाऊंगा और फिल्म शुरू हो जाएगी।

संता: तो जल्दी बताओ?

आदमी: मेरी माँ एक डॉक्टर हैं और मेरे पिता जी इंजीनियर हैं। अब बता दीजिये?

संता: आपके नाम कोई जमीन जायजाद है?

आदमी: हाँ, गांव में एक खेत मेरे नाम है? प्लीज़ भाई साहब अब बता दीजिये स्टैंड कहाँ है?

संता: आखिरी सवाल, तुम पढ़े लिखे हो?

आदमी: जी हाँ, मैं MBA कर रहा हूँ। अब बताइये जल्दी से।

संता: भाई साहब, देखिये आपकी पारिवारिक पृष्ठभूमि इतनी अच्छी है, आपके माता पिता दोनों उच्च शिक्षित हैं, आप खुद भी इतने पढ़े लिखे हैं पर मुझे अफ़सोस है कि आप इतनी सी बात नहीं जानते कि मोटर साइकिल का स्टैंड उसके नीचे लगा होता है। एक बड़ा और एक साइड वाला।

एक दिन बंता जब संता से मिलने गया तो उसने देखा कि संता बहुत परेशान है। उसने संता से उसकी परेशानी का कारण पूछा।

बंता: क्या हुआ बड़ा परेशान लग रहा है?

संता: हाँ यार थोड़ी तबियत ख़राब है।

बंता: क्या हो गया? डॉक्टर को दिखाया तुमने?

संता: थोड़ा दिल में दर्द हो रहा है। डॉक्टर मेहता को दिखाने जा रहा हूँ।

बंता: पर वो तो बच्चों के डॉक्टर हैं।

संता: हाँ पर इसका इलाज़ वही कर सकते हैं।

बंता: तू पागल हो गया है क्या? दिल का इलाज़ दिल का डॉक्टर करेगा। बच्चो का डॉक्टर नहीं।

संता: यार तुम नहीं समझेगा डॉक्टर मेहता ही मेरा इलाज़ कर सकेंगे।

बंता: वो कैसे?

संता: तुमने सुना नहीं ‘दिल तो बच्चा है जी’।

एक दिन संता ऑफिस जाने के लिए जब बस में चढ़ा तो कंडक्टर ने हँसते हुए पूछा, “कल रात आप ठीक-ठाक घर पहुँच गए थे? कहीं गिरे तो नहीं या रास्ता तो नहीं भूले थे घर का?”

संता (गुस्से से): क्यों, कल रात को मुझे क्या हुआ था?

कंडक्टर: कल रात आप नशे में टुन्न थे।

संता: तुम कैसे कह सकते हो कि कल रात मैं नशे में था। हमने तो आपस में कोई बात भी नहीं की थी।

कंडक्टर: जी, वो ऐसा है कि कल रात जब आप बस में बैठे हुए थे तब एक मैडम बस में चढ़ी थी और आपने उन्हें उठकर अपनी सीट पर बैठने के लिए कहा था।

संता (हैरानी से): तो क्या किसी महिला को सीट देना कोई गुनाह है?

कंडक्टर (हँसते हुए): गुनाह तो नहीं है पर जब आप ने उनको सीट के लिए पूछा उस समय बस तो पहले से ही खाली थी।

बंता: अरे यार संता तुम जो तोता लाये थे, कैसा है वो?

संता: क्या बताऊँ यार कल हमारा तोता पेट्रोल पी गया।

बंता: अरे, फिर क्या हुआ?

संता: होना क्या था तड़पा, चीखा, फड़फड़ाया, उड़ा तो छत से जा कर टकराया, फिर कई बार कमरे में गोल- गोल उड़ा और कई बार चारों दीवारों से टकराया।

बंता: फिर?

संता: फिर उड़ कर हॉल में पहुंच गया। वहां भी अंधों की तरह खूब टककरें मारीं। फिर किचन में पहुंच गया। वहां तो बहुत ही तड़पा, कई बर्तन फोड़ दिए। फिर बैडरूम में पहुंचा तो सीधा जाकर ड्रेसिंग टेबल के शीशे से टकराया। शीशा चकनाचूर हो गया और उन्ही टुकड़ों में वो भी फर्श पर ढेर हो गया।

बंता: ओह, फिर मर गया?

संता: नहीं मरा तो नहीं पर मुझे लगता है पेट्रोल ख़त्म हो गया होगा।

एक औरत सड़क पर गोद में अपने बच्चे को लेकर रोये जा रही थी, तभी वहाँ से संता गुज़र रहा था। संता ने उसके रोने का कारण पूछा।

औरत बोली, “बच्चा बहुत बीमार है और दवा के लिए पैसे नहीं हैं।”

संता ने जेब से 1000 का नोट दिया और कहा कि जाओ जाकर दवाई ले आओ और बच्चे के लिए कुछ खाना और दूध भी ले लेना, बाकी जो बचे मुझे लाकर लौटा देना मैं यहीं खडा हूँ।

थोड़ी देर बाद औरत आई और 800 रूपये लौटाती हुई बोली कि 100 रुपये डाक्टर ने लिए, 60 रुपये का खाना और 40 रुपये का दूध आया है।

संता बहुत खुश हुआ और सोचने लगा कि ‘नेकी कभी बेकार नहीं जाती। डाक्टर को फीस भी मिल गई, बच्चे को दवा, दूध और खाना भी मिल गया।
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और मेरा नकली नोट भी चल गया।

एक बार संता बार में बैठकर कागज पर कुछ गुणा-भाग कर रहा था और पागलों की तरह हँस रहा था। तभी वहां बंता आया और उसने संता से पूछा, “क्या हुआ संता, तुम इतने खुश क्यों हो?”

संता (हँसते-हँसते): ओ यार, आजकल मेरी पत्नी डाइटिंग पर है और पिछले 4 दिनों में उसने 5 किलो वजन घटा लिया है।

बंता: तो फिर इसमें इतना हँसने वाली क्या बात है?

संता: ओ यार, अभी-अभी मैंने सारा हिसाब लगाया है कि अगले 4 महीनों में वह पूरी तरह से गायब हो जाएगी।

संता: जल्दी से यहाँ एक एम्बुलेंस भेज दीजिये, मेरे दोस्त को एक गाडी ने टक्कर मार दी है। उसके नाक से और कान से खून बह रहा है। शायद उसकी टांग भी टूट गयी है।

ऑपरेटर: आप किस जगह पर हैं कृपया वो बता दीजिये।

संता: Connaght Place में।

ऑपरेटर: आप मुझे स्पेलिंग बता दीजिये?

आगे से कोई आवाज़ नहीं आई।

ऑपरेटर: सर क्या आप को मेरी आवाज़ आ रही है?

दूसरी तरफ से अभी भी कोई आवाज़ नहीं आई।

ऑपरेटर: सर प्लीज, जवाब दीजिये, क्या आप मुझे सुन रहे हैं?

संता: हाँ- हाँ माफ़ करना, मुझे Connaght Place के स्पेलिंग नहीं आते, इसलिए मैं उसे घसीट कर Minto Road पर ले आया हूँ। आप Minto Road के स्पेलिंग लिखो।

बंता: यार संता तुम्हें पता है मैं और प्रीतो तलाक ले रहे है।

संता (हैरान होते हुए): क्यों क्या हो गया? तुम दोनों तो बहुत अच्छे से रहते हो।

बंता: जब से हम लोगों ने शादी की है तब से प्रीतो मुझे बदलने की कोशिश में लगी हुई है। सबसे पहले उसने मुझे शराब पीने से रोका, फिर सिगरेट फिर इधर-उधर आवारा घूमने से।

उसने मुझे सिखाया कि अच्छे कपड़े कैसे पहनते है, उसने मुझे संगीत और कला के प्रति रूचि आदि सब सिखाये और स्टॉक मार्केट में कैसे निवेश करना है ये सब भी उसी ने सिखाया।

संता ने कहा, “क्या तुम बस इसलिए नाराज हो कि उसने तुम्हें बदलने के लिए ये सब किया।”

बंता: अरे मैं नाराज नहीं हूँ, मैं अब काफी सुधर चुका हूँ तो अब वो मुझे अपने लायक नहीं लगती।

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